सखी री , मैं कासे कहूं अपना दुखडा़

meraashiyana बेचारे इस पेड़ की हालत तो देखिए जो आप और हमारे द्वारा डाली गई गंदगी को अपने आंचल में समेटे अपनी बेवसी पर आंसू बहाने को मजबूर है । आखिर वह अपना दुखडा़ कहे तो किससे कहे । जी हां रोहिणी के सैक्टर तीन में मेन रोड पर खडा़ यह पीपल का पेड़ अपनी दुर्दषा की क... [पूरी पोस्ट]
writer shashisinghal
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[14 Nov 2009 13:50 PM]

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