फेमिनिस्ट
इस कविता पर बहस की गुंजाइश है ...पहले 'कविता' पेशे-नज़र है...अनुभव अगर कहूँ ,तुम छीन लोगे मुझसे'फेमिनिस्ट'कहलाने की खुराक !चलो मैं इसेशोध कहता हूँ।मैंने तमाम साहित्य खंगाला है,इतिहास की कब्र खोदी है।और यकीननमैं नहीं कहता,आंकडे बोलते हैं।औरत में आदमी क...
[पूरी पोस्ट]
Deepak Tiruwa
16
0
0
0
7
[13 Nov 2009 23:07 PM]



Shuffle








