कतारें लगा कर खडा आदमी
कतारें लगा कर खडा आदमी मुझे भी बना दो बड़ा आदमी कभी तान सीना खडा आदमी कभी बुजदिलों सा पडा आदमी बड़ा ठोस चट्टान सा था मगर ज़रा छू लिया रो पडा आदमी लगे खूबसूरत मगर अर्थ क्या नगीने सरीखा जडा आदमी मिले चार पैसे कि पद मिल गया गया बिन पिए लड़खडा आदमी कभी हो...
[पूरी पोस्ट]
jogeshwar garg
ghazal
30
0
0
0
2
[13 Nov 2009 12:01 PM]



Shuffle








