ग़म

रचना रवीन्द्र ग़म एक ग़म जो तुमसे मिला उसके मिलने का अब क्या गिला एक रहबर जो मुझे मिला उसके बिन अब क्या काफिला अब तो यूँ ही चलेगा गम का सिलसिला सुकून मिला, मिला, न मिला, न मिला उसके न मिलने का भी अब क्या गिला अब तो है यह सिर्फ ग़मों का काफिला इसमें फिर एक ग़मगीन फ... [पूरी पोस्ट]
writer रचना दीक्षित

रहबर

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[13 Nov 2009 10:19 AM]

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