औरतों के नाम
औरतों के नाम कविता वाचक्नवी कभी पूरी नींद तक भी न सोने वाली औरतो !
मेरे पास आओ, दर्पण है मेरे पास जो दिखाता है
कि अक्सर
फिर भी
औरतों की आँखें
खूबसूरत होती क्यों हैं, चीखों-चिल्लाहटों भरे
बंद मुँह भी
कैसे मुसका लेते हैं इतना, और आप!
जरा गौर से देखिए
स...
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कविता वाचक्नवी Kavita Vachaknavee
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[12 Nov 2009 20:25 PM]



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