घोसले की ओर
आसमान आज साफ़ है धूप भी अच्छी निकली है कुर्सियां भी कुछ खाली पड़ी हैं दफ़्तर के लान में। आओ हम बैठें खाली कुर्सियों पर चाय की चुस्कियों और मूंगफ़ली की सोंधी महक के बीच आसमान में उड़ती हुई चीलों को गिनें। या फ़िर चर्चायें करें करें कुछ लफ़्फ़ाजी किस अफ़सर ने क...
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creativekona
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[12 Nov 2009 13:08 PM]



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