जिद!

आर्यश्री Aaryashri यह हार एक विराम है, जीवन महा संग्राम है तिल-तिल मिटूंगा पर दया कि भीख मै लूँगा नहीं, वरदान मागूँगा नहीं-वरदान मागूँगा नहीं. स्मृति सुखंद प्रहरों के लिए अपने खंडहरों के लिए यह जान लो मै विश्व की संपत्ति चाहूँगा नहीं वरदान मागूँगा नहीं-वरदान मागूँगा नह... [पूरी पोस्ट]
writer aarya
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[12 Nov 2009 12:27 PM]

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