कभी लगती थी जहां महफिलें ... वहां अब मनसे का दफ़्तर खुल गया है

अलबेला खत्री  की चिट्ठों पर चुटकी उडन तश्तरी .... क्या पता-कल हो न हो!! ___ आज ही धाप के एन्जॉय कर लो .......... शब्‍दों का सफ़र अजित वडनेरकर मियांगीरी मत करो मियां __ कई राज ठाकरे घूम रहे हैं हियाँ हम सब की बात Yusuf Kirmani मैं हूं राजकुमार ठाकरे ___ कर लो , क्या करोगे ? My Feeling... [पूरी पोस्ट]
writer AlbelaKhatri.com
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[12 Nov 2009 05:17 AM]

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