कविवर कन्हैयालाल सेठिया की रचना - सत्य कौन है, भूल कौन है ?

Kavi Sammelan फूल विहँसता , शूल मौन है । __ एक डाल के दोनों साथी _ _दोनों को ही हवा झुलाती फूल झरेगा , शूल रहेगा , सत्य कौन है , भूल कौन है ? लहर नाचता , कूल मौन है । __ एक पन्थ के दोनों साथी _ _दोनों को किरणें नहलाती लहर मिटेगी , कूल रहेगा , सत्य कौन है , भूल कौन... [पूरी पोस्ट]
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[11 Nov 2009 23:07 PM]

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