तस्वीर तेरी दिल मेरा बहला न सकेगी .... "तलत"

किस से कहें ? बस तीन शेर "मीर" के ...... और एक पसंद का गीत "तलत" की आवाज़ में ...... "हम ने भी नज़्र की है कि फिरिए चमन के गिर्द यारब ! चमन के छूटने तक बाल-ओ-पर रहें !!" "वजह-ए-बेगानगी नहीं मालूम तुम जहां के हो, वां के हम भी हैं" "रहा था देख उधर 'मीर' चलते अजब इक ना... [पूरी पोस्ट]
writer अमिताभ मीत
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[11 Nov 2009 20:54 PM]

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