काव्य संग्रह
रात के अंधेरे में जब एक बूँद भी आँसू की नही निकली, तब पता लगा की हमारे दिल की धड़कन इतनी तेज है कि जिसकी आवाज़ से सोना दूभर हो गया | मुझे पता है कि सोना इतना आसान नही होता है, न तुम्हारे लिए न मेरे लिए , कम्वक्त ये रात बनाई ही गई है सोने के लिए | पलक...
[पूरी पोस्ट]
Ravi Shankar Sharma
13
1
0
1
1
[11 Nov 2009 13:32 PM]



Shuffle








