चुप हो जाओ

गुलमोहर का फूल कि एक हवा चली है चुप हो जाओ बह जाओ  । कि एक फूल खिला है चुप हो जाओ खिल जाओ । कि एक दीप जला है चुप हो जाओ जल जाओ । कि एक बादल निकला है चुप हो जाओ बरस जाओ । कि एक पत्ता टूटा है चुप हो जाओ खो जाओ । कि एक सूरज निकला है चुप हो जाओ भर जाओ । कि एक प्रे... [पूरी पोस्ट]
writer चंदन कुमार झा

बादल

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[11 Nov 2009 11:22 AM]

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