माखनलाल चतुर्वेदी की अमर रचना - "क्या कहा कि यह घर मेरा है"?

Kavi Sammelan क्या कहा कि यह घर मेरा है ? जिसके रवि ऊगे जेलों में , संध्या होवे वीरानों में , उसके कानों में क्यों कहने आते हो ? यह घर मेरा है ? है नील चँदोवा तना कि झूमर झालर उसमे चमक रहे क्यों घर की याद दिलाते हो , तब सारा रैन बसेरा है ? जब चाँद मुझे नहलाता है ,... [पूरी पोस्ट]
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[11 Nov 2009 01:00 AM]

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