श्री प्रभाष जोशी को एक पाठक की श्रद्धांजलि
उस दिन मै आफ़िस जा रहा था, जैसा अक्सर होता है सुबह की भागम्भाग में टीवी नहीं देखा था, रास्ते में एफ एम पर समाचार सुना जोशी जी के निधन का समाचार । मुझे एक ही बात याद आयी " सबको खबर दे सबकी खबर ले" । यह नारा या कहें प्रचार का बोर्ड जब जनसत्ता की शुरुआत...
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विजय प्रकाश सिंह
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[10 Nov 2009 11:35 AM]



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