सनसनी का बेंचमार्क!

vyanjana ये बहस तो अवहेलना से आहत हो कब की आत्महत्या कर चुकी है कि न्यूज़ चैनलों को सनसनी परोसनी चाहिए या नहीं। अब तो सवाल ये है कि सनसनी का स्तर कैसे बनाकर रखा जाए। मतलब, आज से छह महीने पहले लोग जिस खबर पर हैरान होते थे, आज उसने उत्तेजित करना बंद कर दिया है।... [पूरी पोस्ट]
writer नीरज बधवार
views
17
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
3
[10 Nov 2009 05:13 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix