अगर जरूरत पड़े, तो जरूर सोचियेगा
कल बातें हो रही थीं, चर्चा का विषय था जीवन में हमारा उद्देश्य। कर्म करना मात्र उद्देश्य हो, उपभोग या कुछ ऐसा देकर जाना, जिसे लोग याद करें। कुछ दिनों पहले एक किताब पढ़ी था-द मांक हू सोल्ड हिज फेरारी। एक किताब जिसमें एक सफल बेचैन वकील के फिर से स्वयं क...
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प्रभात गोपाल झा
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[10 Nov 2009 00:08 AM]



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