जग विख्यात उस्ताद शायर निदा फ़ाजली का कलाम - सुन रे पीपल, तेरे पत्ते शोर मचाते हैं.....

Kavi Sammelan जिन्हें बांचना , बाँच कर समझना , जिन्हें सुनना और सुन कर झूमने लगना .......... बड़ी अद्भुत होती है वह घड़ी ... जब उस्ताद शायर निदा साहेब हो , उनका परफोर्मेंस हो और महफ़िल जवान हो ......... पिछले 25 वर्षों में अनेक मर्तबा जिनके साथ मंच और मंच के बाद वाल... [पूरी पोस्ट]
writer AlbelaKhatri.com
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[09 Nov 2009 23:29 PM]

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