उसका सोचना

I'm Vikash & this is my world...! बहुत दिन हुए उसे कुछ भी लिखे हुए। ऐसा नही था कि उसके दिमाग में हमेशा उठती रहने वाली कुलबुलाहट बंद हो गई थी। ऐसा भी नहीं था कि उसका मन उचट गया था, लिखते रहने से। सब कुछ पहले जैसा ही था - एग्जैक्ट्ली सेम । उसने बहुत बार कोशिश की थी कुछ लिखने की। कई बार... [पूरी पोस्ट]
writer विकास कुमार
views
18
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
2
[09 Nov 2009 04:20 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix