शब्द मेरी माँ जैसे हैं..

प्रखर दैनन्दिनी आजकल खासा व्यस्त हूँ, और शायद आगे भी रहने वाला हूँ. चाहकर भी मित्रों की ब्लॉग-प्रविष्टियाँ पढ़ नहीं पा रहा हूँ. एहसास है कि क्या खो रहा हूँ...कुछ लिख भी नहीं पा रहा हूँ. पर जल्दी ही सबकुछ व्यवस्थित करने की कोशिश करूँगा. Ph.D. की synopsis का ड्राफ्ट त... [पूरी पोस्ट]
writer श्रीश पाठक 'प्रखर'
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[09 Nov 2009 00:12 AM]

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