गाँव की गंगा का जहर पीने निकले नीलकंठ
आनन्द राय , गोरखपुर आमी नदी के लिए तीन दिन तक कमिश्नर कार्यालय गरम रहा. जन जन ने आमी की मुक्ति की पुकार लगाई. इसमें याचना का भाव नहीं बल्कि रण का अंदाज दिखा. आर या पार लड़ने की कूवत के साथ तटवर्ती गाँव के लोंगों ने हुंकार भरी तो सांसदों, विधायको...
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आनन्द राय
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[08 Nov 2009 20:28 PM]



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