गुलज़ार साब और मेरी पहली त्रिवेणी….
१- ज़िन्दगी क्या है जानने के लिये, ज़िन्दा रहना बहुत ज़रूरी है। आजतक कोई भी रहा तो नही॥ २- आओ हम सब पहन ले आईने, सारे देखेगे अपना ही चेहरा। सबको सारे हसी लगेगे यहा॥ ३- लब तेरे मीर ने...
[पूरी पोस्ट]
Pankaj Upadhyay
19
2
0
2
9
[08 Nov 2009 15:14 PM]



Shuffle








