सिलसिले चाहतों के गाने लगे

Jyotsna Pandey आज फिर याद तुम मुझको आने लगे सिलसिले चाहतों के गाने लगे ........ मोहब्बतों के चिराग जलाये बहुत आँधियाँ बन अपने बुझाने लगे... तेरी राहों में दिल को बिछाए रहे राह-ए-दिल पर तुम लड़खडाने लगे.. मैं तो रूठी रही थी यही सोचकर कोई आये, आकर मनाने लगे.... चाँद... [पूरी पोस्ट]
writer Jyotsna Pandey
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[08 Nov 2009 12:04 PM]

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