एक ऋषितुल्य संपादक की विदाई

surendrakishore यदि कोई संपादक अपने किसी मामूली संवाददाता के लेखन की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए भी अपनी खुद की नौकरी दांव पर लगा दे तो उसे आप क्या कहेंगे ? यदि वही संपादक अपने पुत्र के कैरियर को नुकसान पहुंचा कर भी अपने सहकर्मी पत्रकार की स्वतंत्रता की रक्षा करे तो... [पूरी पोस्ट]
writer Surendra Kishore

प्रभाष जोशी

views
32
upvote
1
downvote
0
rating
1
comments
2
[07 Nov 2009 08:45 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix