रिश्ते की खोज...!

डॉ. चन्द्रकुमार जैन मैंने तुम्हारे दुःख से अपने को जोड़ा और अकेला हो गया मैंने तुम्हारे सुख से अपने को जोड़ा और छोटा हो गया मैंने सुख-दुःख से परे अपने को तुमसे जोड़ा और अर्थहीन हो गया =========================== सर्वेश्वरदयाल सक्सेना की कविता साभार... [पूरी पोस्ट]
writer Dr. Chandra Kumar Jain
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[07 Nov 2009 08:15 AM]

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