यादों के झरोखे से भाग २ ...................
ज़िन्दगी धीरे- धीरे ढर्रे पर आने लगी । दोनों ही अपनी- अपनी तरफ़ से उस दुखद पल को भुलाने की कोशिश करने लगे मगर कहीं एक चुभन शायद दोनों के ही दिलों में कहीं बहुत गहरे बैठ गई थी। फिर भी दोनों ज़िन्दगी जीने की कोशिश में लग गए थे। आत्मग्लानि की वजह से रवि...
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वन्दना
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[07 Nov 2009 02:21 AM]



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