समझौता भाता नहीं।

अनुभूति कलश जब किसी से जुड़ता है दिल मेरा दिल दीवानगी को पार कर जाता है। और जब टूटता है दिल मेरा, दिल दुख की दीवानगी में डूब जाता है। क्या करें इस दिल का, समझौता इसे भाता नहीं। और दिल की उन गहराईयों तक, समझने के लिए कोई आता नहीं। इस दुनिया में दिल की बात करना, ख... [पूरी पोस्ट]
writer ramadwivedi

संवेदना की अनुभूतिय

views
22
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
6
[06 Nov 2009 21:43 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix