प्रभाष जोशी पत्रकारिता की दुनिया में हमेशा जीवित रहेंगे
मैं तो अख़बार में कुछ और ढूंढ रही थी। नहीं मिला। जो मिला उसकी अपेक्षा कहीं से नहीं थी। इतना रोमांचक मैच...उसपर सचिन के 175 रन...आखिर जोशी जी चुप कैसे रह सकते थे... क्रिकेट खासकर सचिन की बारिकी से वाकिफ जोशी साहब हमेशा इस तरह के रोमांचक मैच के बा...
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archana rajhans
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[06 Nov 2009 20:33 PM]



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