जहाँ बादल सुनाते हैं संदेश

जो देखा भूलने से पहले आसीनानाम् सुरभितशिलम् नाभिगन्धैर्मृगाणाम् तस्या एव प्रभवमचलम् प्राप्ते गौरम् तुषारैः। वक्ष्यस्य ध्वश्रमदिनयने तस्य श्रृंगे निषण्ण : शोभाम् शुभ्रत्रिनयन वृशोत्खात्पंकोपमेयाम्।। _ कालिदास, मेघदूत फोटो - मोहन राणा... [पूरी पोस्ट]
writer मोहन राणा - Mohan Rana
views
21
upvote
1
downvote
0
rating
1
comments
0
[06 Nov 2009 15:35 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix