सोचता हूँ

laghukahani सोचता हूँ क्यों न तुम्हारा नाम खुसबू रख दूं, ताकि तुम्हें पुकार सकूं बेहिचक कहीं भी, कभी भी सबके बीच में. मैं कहूँगा खुसबू आ रही है. सब कहेंगे हाँ, आ रही है. मेरा मतलब तुमसे होगा और उनका मतलब............... [पूरी पोस्ट]
writer शिवराज गूजर.
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[06 Nov 2009 07:41 AM]

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