आसमानी रिश्ते भी टूट जाते हैं..

उडन तश्तरी  .... आज शाम से ही तेज आँधी चल रही थी. वह अपने कमरे की खिड़की से बैठा सामने लगे ऊँचे ऊँचे देवदार के पेड़ों को हवा के साथ बार बार झुकता और हवा कम हो जाने पर सीधा ख़ड़े होते देख रोमांचित हो रहा था. वह देख रहा था कि तेज अंधड़ न जाने कितने वृक्षों को जड़ से उखाड़ फै... [पूरी पोस्ट]
writer Udan Tashtari

kahani

views
108
upvote
18
downvote
0
rating
18
comments
25
[04 Nov 2009 20:31 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix