आसमानी रिश्ते भी टूट जाते हैं..
आज शाम से ही तेज आँधी चल रही थी. वह अपने कमरे की खिड़की से बैठा सामने लगे ऊँचे ऊँचे देवदार के पेड़ों को हवा के साथ बार बार झुकता और हवा कम हो जाने पर सीधा ख़ड़े होते देख रोमांचित हो रहा था. वह देख रहा था कि तेज अंधड़ न जाने कितने वृक्षों को जड़ से उखाड़ फै...
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Udan Tashtari
kahani
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[04 Nov 2009 20:31 PM]



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