फ़ूल में भी मगरूरी रही होगी

अनौपचारिक फ़ूल में भी मगरूरी रही होगी पत्थर की भी मजबूरी रही होगी पछता न सके लडकर भी जब रिश्तों में बहुत दूरी रही होगी बात की है अब तक तो क्या दिमागी कुछ कमजोरी रही होगी पूछे नहीं हम कहां थे अब तक फ़िक्र ये गैर - जरूरी रही होगी समझ आई तो क्या आई उनको ये किस्मत ह... [पूरी पोस्ट]
writer अर्कजेश
views
23
upvote
3
downvote
0
rating
3
comments
14
[03 Nov 2009 16:47 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix