घर की याद

जिरह भवानी प्रसाद मिश्र ने यह कविता जेल में लिखी थी। चूंकि वह भी देश की आजादी के लिए अंग्रेजों से लड़ रहे थे, लिहाजा, कुछ वक्त के लिए अंग्रेजों ने उन्हें भी जेल में कैद कर लिया था। जब वह जेल में थे बारिश का मौसम था। तेज बारिश हो रही थी। घर की याद उन्हें ब... [पूरी पोस्ट]
writer अनुराग अन्वेषी
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[03 Nov 2009 12:00 PM]

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