वेद की ऋचाओं में सूर्य देव

श्री सत्यनारायण भटनागर जी का पन्ना यजुर्वेद में परमात्मदेवसविता [सूर्य] से प्रार्थना की गई है, हमारी बुराइयां दूर हों और मन के विकार समाप्त हों और इसके स्थान पर हमें अच्छाइयों से भर दीजिए। मंत्र इस प्रकार वर्णित है- ॐविश्वानिदेव सवितर्दुरितानिपरासुव यदभद्रंतन्नआसुव। वेदों में सूर्योपा... [पूरी पोस्ट]
writer सत्यनारायण भटनागर
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[03 Nov 2009 11:50 AM]

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