एक फौज औरतो की
सदियों सेतैयार की जाती रही हैंएक फौजऔरतो की जो चलती रहेबिना प्रश्न किये , बिना मुंह खोलेकरती रहे जो शादी जनति रहे जो बच्चेजिसके सुख की परिभाषा होपति और पुत्र के सुख की कामनाऔरजो लड़ती रहे एक दूसरे सेबिना ये जाने की वोएक चाल मे फंस गयी हैंजहाँ पूरक वो...
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[03 Nov 2009 02:02 AM]



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