रह पाओ जिंदा मरने के बाद भी...

मेरा कुछ सामान... कभी लिखा था मैंने,  " जियो कुछ ऐसे कि, रह पाओ जिंदा तुम, मरने के बाद भी... " आज बात आगे बढा रहा हूँ अपनी... गौतम बुद्ध की पावन धरती, अब न रही महफूज़ यारों... कब तक तुम खामोश रहोगे, अब तो करो आगाज़ यारों... गली अँधेरी अपनी ही है, ज... [पूरी पोस्ट]
writer अम्बरीश अम्बुज
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[03 Nov 2009 01:37 AM]

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