बोलो जय सियाराम....
मित्रों, आज प्रस्तुत करता हूं-सीधे-सादे शब्दों में एक रचना। बात आप तक पहूंचे तो टिप्पणियों से सूचित करें- डोली लूट गये खुद कहार, बोलो जय सियाराम भारतमाता भई लाचार, बोलो जय सियाराम विद्यालय से कालेजों तक, करता कौन पढ़ाई डिग्री की चिंता क्या करनी, ये कल...
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रविकांत पाण्डेय
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[02 Nov 2009 13:40 PM]



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