नेकी कर, कुएं में डाल
साधु संतों ने एक मार्के की बात कही है कि "नेकी कर, कुएं में डाल'। यानी कि किसी का कोई उपकार करो तो करके भूल जाओ। किसी की भलाई करके उसे भूल जाने में ही भलाई है क्योंकि उपकार करने के बाद याद रखने का मतलब है कि आपके मन में उसके बदले कुछ प्राप्त करने की...
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श्रीकांत पाराशर
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[02 Nov 2009 10:38 AM]



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