जीना इसी का नाम है

JHAROKHA कुछ बूंदें ओस की टपकीं टप से बिखर गयीं फ़ूलों की कोमल पंखुड़ियों पर बिना विचारे कि वहां उनका स्वागत करेंगे नुकीले बेदर्द कांटे जिनका काम ही है दर्द बांटना। पर क्या मतलब इससे दीवानी बूंदों को उन्होंने तो खुद को कुर्बान कर चार चांद लगाया फ़ूलों के सौन्दर्... [पूरी पोस्ट]
writer JHAROKHA
views
23
upvote
2
downvote
0
rating
2
comments
13
[30 Oct 2009 13:56 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix