आंसुओं में डूबकर उस पार जाना चाहता हूं.....
बहुत दिनों बाद आप सबसे मुखातिब हूं इसलिये बहुत सारी बातें भी हैं सुनाने को-कुछ, जो हुआ और कुछ, जो इस होने का अर्थ निकलता है। २० अक्तूबर के लगभग फ़ुरसतिया जी का फोन आया कि इलाहाबाद में ब्लागरों का सम्मेलन है। हमने क्षमा सहित निवेदन कर दिया कि उन्ही दिन...
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रविकांत पाण्डेय
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[30 Oct 2009 13:34 PM]



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