यार नहीं जो काम न आए
बहुत दिनों बाद आज कोई रचना प्रस्तुत कर रहा हूँ..दरअसल मैं लगभग १ माह नेट से दूर रहा...आशा है आप को अवश्य पसंद aayegi... यार नहीं जो काम न आए। प्यार वही जो साथ निभाए। आता वक्त बुरा तो अक्सर, जिससे आशा वो ठुकराए। दिन में ही कुछ कोशिश कर लो, जिससे काली...
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प्रसन्न वदन चतुर्वेदी
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[30 Oct 2009 11:33 AM]



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