यार नहीं जो काम न आए

मेरी ग़ज़लें, मेरे गीत/प्रसन्न वदन चतुर्वेदी बहुत दिनों बाद आज कोई रचना प्रस्तुत कर रहा हूँ..दरअसल मैं लगभग १ माह नेट से दूर रहा...आशा है आप को अवश्य पसंद aayegi... यार नहीं जो काम न आए। प्यार वही जो साथ निभाए। आता वक्त बुरा तो अक्सर, जिससे आशा वो ठुकराए। दिन में ही कुछ कोशिश कर लो, जिससे काली... [पूरी पोस्ट]
writer प्रसन्न वदन चतुर्वेदी
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[30 Oct 2009 11:33 AM]

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