तुम हो...

mahua मेरा सावन भी तुम हो...मेरी प्यास भी तुम हो.... सहरा की बांहो में छुपी...वो आस भी तुम हो... तुम यूंतो बहुत दूर हो मुझसे....पर एहसास ये होता है....मेरे पास भी तुम हो.... हर ज़ख्म के आगोश में है दर्द तुम्हारा..... हर दर्द में तस्क़ीन का एहसास भी तुम हो.... [पूरी पोस्ट]
writer tanu sharma.joshi

तुम...

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[30 Oct 2009 10:48 AM]

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