मनुस्मुति-घर में किसी प्रकार का अभाव न होने दें (ghar ki nari ka samman-manu smriti)
शोचन्ति जामयो यत्र विनशत्याशु तत्कुलम्। न शोचन्ति तु यत्रैता वर्धते तद्धि सर्वदा।। हिंदी में भावार्थ- उस परिवार का शीघ्र नाश हो जाता है जिसकी स्त्रियां दुःख या अभाव के फलस्वरूप परेशान रहती हैं। जहां स्त्रियां इस दुःख से परे होती हैं वह हमेशा घर परिवा...
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दीपक भारतदीप
dharm
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[29 Oct 2009 22:07 PM]



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