भ्रष्टाचार की जय हो !

विवेक के व्यंग भ्रष्टाचार की जय हो ! vivek ranjan shrivastava भ्रष्टाचार की जय हो ! एक और घोटाला सफलता पूर्वक संपन्न हुआ . सरकार हिल गई . स्वयं प्रधानमंत्री को एक बार फिर से भ्रष्टाचार के विरुद्ध कठोर से कठोर कदम उठाने की घोषणायें दोहरानी पड़ी . एक और उच्चस्तरीय जां... [पूरी पोस्ट]
writer Vivek Ranjan Shrivastava
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[29 Oct 2009 14:37 PM]

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