कॉमेडी के बाजार में विशुद्ध व्यंग्य को पुनर्स्थापित करता ‘लापतागंज ’
बुधवार यानी 28 अक्टूबर को सब टीवी पर प्रसारित लापतागंज का तीसरा एपिसोड देखा तो एक छोटे से शब्द ने दिल खुश कर दिया। शब्द था-लबड़याए। धारावाहिक के मुख्य किरदार मुकंदी लाल गुप्ता की पत्नी घर के बीच में चावल की बोरी पर गिरे पति से दो टूक कहती है- तुम कहा...
[पूरी पोस्ट]
पीयूष पाण्डे
व्यंग्य
22
3
0
3
8
[28 Oct 2009 14:47 PM]



Shuffle








