चुप्पी की कोई तो वजह होगी

मेरी बतियाँ नाड़ा देखा है? उसके के दो सिरे होते हैं; एक ओर से खींचो तो दूसरी ओर से छोटा हो जाता है। अपनी हालत पस्त है और कुछ नाड़े जैसी भी। शायद उससे भी ज़्यादा पस्त। मैं अपने को कई सिरों से खींचने की कोशिश करता रहता हूँ और जो सिरा छोड़ता हूँ वो सिकुड़ जाता है। कभ... [पूरी पोस्ट]
writer महेन

बेबात की बात

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[28 Oct 2009 13:04 PM]

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