दिल मचल रहे हैं

QALAM E SHAIR दिल मचल रहे हैं ख़्वाब पल रहे हैं आप की गली के लोग जल रहे हैं शाम ढल चुकी है और चल रहे हैं धूप चुभ रही है दिन बदल रहे हैं बदलो कहाँ हो खेत जल रहे हैं... [पूरी पोस्ट]
writer जतिन्दर परवाज़
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[28 Oct 2009 05:53 AM]

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