अब, जबकि..!

Shreesh UVACH सोचा, आज उस पर एक कविता लिखूंगा, पर.... .कैसे..?   जबकि,  मेरे दिमाग में केवल तुम हो,  कविता के लिए शब्द कैसे खोजूं ..? जबकि, मेरे दिल में  सिर्फ तुम्हारा रंग छाया है  कविता को कोई और रंग कैसे दे दूं..?   जबकि मेरे तन-मन... [पूरी पोस्ट]
writer श्रीश पाठक 'प्रखर'
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[27 Oct 2009 23:01 PM]

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