मुझे हर पल ज़रुरत है तुम्हारी, मत छोड़ो साथ मेरा कि आँसू भी साथ न निभा पायें .....

मेरी रचनाएँ अहसास साथ हैं, हर पल हर वक्त पर ऐसा लगता है की खोया हुआ सा है कुछ। नही हो तुम मेरी कल्पना हो तुम मेरा यथार्थ ख़ुद राह मैं तलाशूंगा जब तुम दोगी मेरा साथ। मुझे हर पल ज़रुरत है तुम्हारी, जलते रहने के लिए, धड़कते रहने के लिए, मत आओ एक हवा के झोंके की तरह... [पूरी पोस्ट]
writer महफूज़ अली

अदा

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[27 Oct 2009 10:54 AM]

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