क्षमादान !!!
जन्मगत हों या स्वनिर्मित, ह्रदय से गहरे जुड़े सम्बन्ध, हमें जितना मानसिक संबल और स्नेह देने में समर्थ होते हैं,जितना हममे जोड़ते हैं,कभी कभार जाने अनजाने ह्रदय को तीव्रतम आघात पहुंचा हमें तोड़ने में भी उतने ही प्रभावी तथा सक्षम हुआ करते हैं...स्वाभावि...
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रंजना
संस्मरण
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[27 Oct 2009 08:20 AM]



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