सुनहरी धूप ....

SRIJAN धूप सुनहरी कभी इतनी हो जाती कि उसकी चमक आंखों में समा जाती ऐसे कुछ दिखाई न देता चमक के सिवा सूरज इस समय अपनी चरम सीमा में होता, उसे देख पाना इन नाजुक निगाहों से कितना मुश्किल होता है, जैसे सफलता के पायदानों की अन्तिम सीढ़ी पर जब पैर पड़ता है तो कुछ ल... [पूरी पोस्ट]
writer sada
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[27 Oct 2009 07:47 AM]

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